
कलेक्टर के नेतृत्व में जल संरक्षण को मिली गतिः जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा बैठक संपन्न समयसीमा, गुणवत्ता और समन्वय पर कलेक्टर का जोरः जल संसाधन कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आज जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के अंतर्गत जल संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग श्रीमती कुमकुम कौरव पटेल, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग सौसर श्रीमती संजना चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग पांढुर्णा श्री गौरव रघुवंशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के निर्धारित लक्ष्यों के संबंध में कार्यपालन यंत्री श्रीमती कुमकुम कौरव पटेल से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अभियान अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध और प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से नहरों की साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके और जल प्रबंधन प्रणाली सुचारु रूप से संचालित रहे।
इसके अतिरिक्त, बैठक में बांध निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए। भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर बल देते हुए कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ठोस और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण एवं संवर्धन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता है, जिसे सफल बनाने में सभी विभागों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।